दिग्गज बैडमिंटन प्लेयर ने लिया संन्यास, रियो ओलंपिक में रचा था इतिहास

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स्पेन : बैडमिंटन जगत में एक युग का अंत हो गया है। स्पेन की दिग्गज शटलर कैरोलिना मारिन ने 26 मार्च को अपने करियर को अलविदा कह दिया है। घुटने की लगातार परेशानी ने आखिरकार उन्हें यह कठिन फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक भावुक वीडियो में उन्होंने यह ऐलान किया। वीडियो के कैप्शन में लिखा- उनकी जर्नी यहीं खत्म होती है। उन्होंने साफ कहा कि अब वह अपने शरीर को और जोखिम में नहीं डालना चाहतीं। मारिन ने कहा कि उनका प्रोफेशनल बैडमिंटन करियर अब खत्म हो गया है और इसलिए वह यूरोपियन चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लूंगी। वह चाहती थी कि आखिरी बार कोर्ट पर उतरें, लेकिन इसके लिए वह अपने शरीर को खतरे में नहीं डाल सकती।

शानदार करियर का सुनहरा अंत
32 साल की मारिन का करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप में 4 मेडल अपने नाम किए। साथ ही, उन्होंने 7 यूरोपियन खिताब भी जीते। मारिन की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विता भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधू के साथ रही। दोनों खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक मुकाबले हुए। मारिन ने 2016 में रियों ओलंपिक के फाइनल में सिंधु को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद 2018 वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में भी उन्होंने सिंधु को मात दी थी।

फैंस को कहा धन्यवाद
मारिन ने अपने संदेश में कहा कि काश वह अपने करियर का अंत अलग तरीके से कर पाती, लेकिन जिंदगी हमेशा हमारी मर्जी के अनुसार नहीं चलती। उन्हें अपने फैसले पर कायम रहना है। उन्होंने आगे कहा कि वह गर्व के साथ जा रही है। सिर्फ खिताब ही नहीं, बल्कि खेल जगत में जो सम्मान मिला, वह उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हालांकि मारिन यूरोपियन चैंपियनशिप में खेलती नजर नहीं आएंगी, लेकिन वह मौजूद रहेंगी।

कैरोलिना मारिन का बैडमिंटन करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के अलावा 4 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं, एक बार उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वह लंबे समय तक दुनिया की नंबर-1 शटलर भी रहीं।

 

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