कल्पना से परे है भगवान श्री कृष्ण का यह मंदिर! 70 मंजिला इमारत, कैप्सूल लिफ्ट… जानें वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर के हैरान कर देने वाले रहस्य

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जब भी हम भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और उनकी भव्यता की बात करते हैं,तो मन में वृन्दावन और मथुरा की गलियां घूम जाती हैं। कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व आने वाला है,और इस मौके पर दुनिया भर के कृष्ण भक्त ब्रजभूमि की ओर खिंचे चले आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी पवित्र भूमि पर एक ऐसा दिव्य और विराट मंदिर आकार ले रहा है,जिसकी ऊंचाई,भव्यता और विशेषताएं आपके होश उड़ा देंगी?हम बात कर रहे हैंवृन्दावन चंद्रोदय मंदिर (Vrindavan Chandrodaya Mandir)की,जो पूरा बन जाने के बाद दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर होगा। यह सिर्फ ईंट और पत्थर की एक इमारत नहीं,बल्कि आस्था,आधुनिक इंजीनियरिंग और भारतीय संस्कृति का एक ऐसा संगम है,जो आने वाली कई सदियों तक दुनिया को चकित करता रहेगा। इस जन्माष्टमी,भले ही यह मंदिर निर्माणाधीन है,लेकिन इसके दर्शन और इसके बारे में जानना हर कृष्ण भक्त के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।कितना विशाल है यह मंदिर? (आंकड़े जो हैरान कर दें)इस मंदिर की विशालता का अंदाजा आप कुछ इन बातों से लगा सकते हैं:दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर:इसकी कुल ऊंचाई700फीट (लगभग213मीटर)होगी,जो इसे दुनिया का सबसे ऊंचा धार्मिक स्मारक बनाएगी।कुतुब मीनार से तीन गुना ऊंचा:यह दिल्ली के प्रसिद्ध कुतुब मीनार से भी तीन गुना ज्यादा ऊंचा होगा।70मंजिला गगनचुंबी इमारत:यह मंदिर एक70-मंजिला गगनचुंबी इमारत के बराबर होगा।500से ज्यादा खंभों पर टिका ढांचा:इस मंदिर की नींव55मीटर गहरी है,और इसमें511विशाल खंभे हैं,जो इसे भूकंपरोधी और सदियों तक अटल बनाते हैं।इस मंदिर का निर्माणइस्कॉन (ISKCON)बैंगलोरद्वारा करवाया जा रहा है और इसका उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण के संदेशों और लीलाओं को पूरी दुनिया तक एक भव्य रूप में पहुंचाना है।सिर्फ मंदिर नहीं,यह एक पूरा’आध्यात्मिक शहर’हैवृन्दावन चंद्रोदय मंदिर की खासियत सिर्फ इसकी ऊंचाई नहीं,बल्कि इसके अंदर समाई हुई एक पूरी दुनिया है। यह मंदिर परिसर लगभग70एकड़ की विशाल भूमि पर फैला होगा,जिसमें आपको आध्यात्म के साथ-साथ मनोरंजन और ज्ञान का भी अद्भुत खजाना मिलेगा।ब्रह्मांड का अनुभव कराएगी’कैप्सूल लिफ्ट’:मंदिर के शिखर तक भक्तों को ले जाने के लिए एक अत्याधुनिक’कैप्सूल एलिवेटर’लगाया जाएगा। यह लिफ्ट सिर्फ ऊपर ही नहीं जाएगी,बल्कि अपनी यात्रा के दौरान ऑडियो-विजुअल माध्यम से आपको ब्रह्मांड के विभिन्न लोकों का अनुभव भी कराएगी।70वीं मंजिल से देखें पूरा ब्रजमंडल:मंदिर के टॉप फ्लोर पर एक व्यूइंग गैलरी (Viewing Gallery)होगी,जहां से आप टेलीस्कोप की मदद से पूरे ब्रजमंडल,यमुना नदी और वृन्दावन के अन्य मंदिरों का मनमोहक दृश्य देख सकेंगे। यह एक ऐसा अनुभव होगा जो आपको सीधे देवलोक से जोड़ देगा।कृष्ण लीला थीम पार्क (Krishna Leela Theme Park):बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए यहां एक इंडोर थीम पार्क बनाया जाएगा। इसमें रोबोटिक्स,लाइट एंड साउंड शो और3D/4Dइफेक्ट्स के जरिए भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं (जैसे कालिया नाग दमन,गोवर्धन पर्वत लीला) को जीवंत किया जाएगा।द्वादश कानन (Vrindavanके12वन):मंदिर के चारों ओर वृन्दावन के उन12पौराणिक वनों (द्वादश कानन) को फिर से जीवंत किया जाएगा,जहां भगवान कृष्ण ने अपनी लीलाएं की थीं। यहां हरे-भरे जंगल,झरने,संगीत फव्वारे और यमुना जी काจำลอง (Recreation) भी बनाया जाएगा।विभिन्न पूजा स्थल और हॉल्स:मंदिर में चार अलग-अलग पूजा स्थल (Temple Halls)होंगे जो विभिन्न देवी-देवताओं को समर्पित होंगे,जिसमें मुख्य रूप से श्री राधा-वृन्दावन चंद्र,श्री कृष्ण-बलराम,और श्री गौर-निताई के विग्रह होंगे।जन्माष्टमी पर क्यों खास होगा चंद्रोदय मंदिर?भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी पर वृन्दावन का कण-कण कृष्णमय हो जाता है। ऐसे में निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर की दिव्यता और बढ़ जाती है। भले ही मंदिर अभी पूरा नहीं बना है,लेकिन आप यहां जाकर इसके विशाल निर्माण कार्य को देख सकते हैं और इस महान परियोजना का हिस्सा होने का अनुभव कर सकते हैं। जब यह मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा,तो यह जन्माष्टमी मनाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य केंद्र होगा,जहां करोड़ों भक्त एक साथ कान्हा का जन्मदिन मनाएंगे।यह मंदिर भारत के उस गौरवशाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक इतिहास का प्रतीक है,जो अब आधुनिक तकनीक के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है।

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