
News India Live, Digital Desk: Handwashing : बारिश का मौसम जितना सुहावना लगता है, उतनी ही तेजी से बीमारियां भी दस्तक देने लगती हैं। डेंगू, मलेरिया, फ्लू, पेट के इन्फेक्शन… लिस्ट लंबी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन बीमारियों से बचने का सबसे आसान और पहला कदम क्या है? जी हाँ, हाथ धोना!
आप कहेंगे, ‘हाथ धोना तो सभी जानते हैं।’ लेकिन क्या आप ‘सही तरीके’ से हाथ धोते हैं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी कहता है कि सिर्फ पानी से हाथ धोना काफी नहीं, सही तरीका अपनाना बेहद ज़रूरी है। आज हम आपको एक ऐसी आसान टेक्नीक बता रहे हैं, जिसे अपनाकर आप अपने हाथों से 99% जर्म्स को अलविदा कह सकते हैं – इसे कहते हैं ‘सुमंक’ (SUMANK) टेक्नीक!
क्या है ‘सुमंक’ (SUMANK) टेक्नीक? (और कैसे करें इसका इस्तेमाल)
यह 6 स्टेप की एक आसान विधि है, जिसे फॉलो करने में आपको सिर्फ 20 सेकंड लगेंगे, लेकिन आपकी सेहत को इसका बहुत बड़ा फायदा मिलेगा। आइए देखें क्या है ये:
S – सीधे हाथ (Straight): सबसे पहले अपने हाथों को पानी से गीला करें और साबुन या हैंडवॉश लें। अब दोनों हथेलियों को एक साथ रगड़ें।
U – उल्टे हाथ (Upside-down): अपनी दाहिनी हथेली से बाएं हाथ की ऊपरी सतह को रगड़ें, फिर बाएं हाथ की हथेली से दाहिने हाथ की ऊपरी सतह को रगड़ें। उंगलियों के बीच की जगह को भी साफ करें।
M – मुट्ठी (Fist): अपने हाथों की मुट्ठी बनाकर उंगलियों के जोड़ों को दूसरी हथेली से रगड़ें। ऐसा दोनों हाथों से करें।
A – अंगूठे (Thumb): अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को बाएं हाथ की मुट्ठी में लेकर रगड़ें। फिर दूसरे अंगूठे के साथ भी ऐसा ही करें।
N – नाखून (Nails): अपने नाखूनों को साफ करने के लिए, अपनी उंगलियों के पोरों को दूसरी हथेली पर रगड़ें। ऐसा दोनों हाथों से करें।
K – कलाई (Wrist): आखिर में अपनी कलाई को भी साबुन से अच्छे से धोएं, एक-एक करके।
पूरे 20 सेकंड तक हाथों को रगड़ने के बाद, पानी से अच्छे से धो लें और किसी साफ कपड़े या पेपर टॉवल से सुखा लें।
क्यों है यह इतना ज़रूरी, खासकर मॉनसून में?
कीटाणुओं से बचाव: यह विधि सुनिश्चित करती है कि आपके हाथ के हर हिस्से से कीटाणु हट जाएं।
बीमारियों की रोकथाम: डायरिया, पेट का इन्फेक्शन, सर्दी-जुकाम, फ्लू, टाइफाइड, हैजा जैसी कई संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है।
बच्चों के लिए सुरक्षा: बच्चे सबसे ज्यादा इन्फेक्शन के शिकार होते हैं, उन्हें यह तरीका ज़रूर सिखाएं।
बेहतर स्वास्थ्य: साफ-सफाई सिर्फ बीमारियों से नहीं बचाती, बल्कि आपके ओवरऑल स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।
कब-कब धोना है हाथ?
खाना खाने से पहले और बाद में।
शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद।
खांसने या छींकने के बाद।
कचरा छूने के बाद।
पालतू जानवरों को छूने के बाद।
खाना बनाने से पहले और बाद में।
किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद।
तो, अगली बार जब आप हाथ धोएं, तो सिर्फ पानी से काम चलाने के बजाय, ‘सुमंक’ टेक्नीक को अपनाएं और खुद को व अपने परिवार को बीमारियों से सुरक्षित रखें। याद रखें, ‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है!’
