Buying property in Lucknow will be expensive: सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी से बदला रियल एस्टेट का खेल

Buying property in Lucknow will be expensive: सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी से बदला रियल एस्टेट का खेल
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Buying property in Lucknow will be expensive: सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी से बदला रियल एस्टेट का खेल
Buying property in Lucknow will be expensive: सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी से बदला रियल एस्टेट का खेल

News India Live, Digital Desk:Buying property in Lucknow will be expensive: लखनऊ में अगर आप ज़मीन या  मकान खरीदने-बेचने का मन बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है। हाल ही में लखनऊ में सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका सीधा असर प्रॉपर्टी की कीमतों पर पड़ेगा। यह बदलाव शहर के रियल एस्टेट बाजार में एक नया दौर लेकर आने वाला है।

क्या होता है सर्किल रेट और क्यों बढ़ीं दरें?

सबसे पहले समझते हैं कि सर्किल रेट क्या होता है। सर्किल रेट वो न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर सरकार किसी भी ज़मीन या प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करती है। आसान शब्दों में कहें तो, यह सरकार द्वारा तय की गई प्रॉपर्टी की सरकारी दर होती है, जिससे कम पर आप कोई प्रॉपर्टी रजिस्टर नहीं करवा सकते।

इस बार लखनऊ में सर्किल रेट बढ़ने के कई कारण बताए जा रहे हैं:

  • तेज़ी से होता विकास: लखनऊ में पिछले कुछ सालों में तेज़ी से विकास हुआ है, जिसमें नई सड़कें, पुल और व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं।

  • बढ़ती आबादी और मांग: शहर में जनसंख्या बढ़ रही है और इसी के साथ आवास और व्यापारिक प्रॉपर्टी की मांग भी लगातार ऊपर जा रही है।

  • मार्केट वैल्यू से कम रेट: कई इलाकों में प्रॉपर्टी की असली मार्केट वैल्यू, सरकारी सर्किल रेट से बहुत ज़्यादा हो गई थी। इस अंतर को कम करने के लिए दरें बढ़ाई गई हैं।

किन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर कुछ प्रमुख और पॉश इलाकों पर देखने को मिलेगा। विशेष रूप से, गोमतीनगर, शहीद पथ के आस-पास के इलाके, इंदिरा नगर, और अन्य प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतें प्रभावित होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रीमियम लोकेशन्स पर प्रॉपर्टी की कीमतें दोगुनी होने तक की संभावना जताई जा रही है!

खरीददार और सरकार दोनों पर असर:

  • खरीददारों के लिए: जब सर्किल रेट बढ़ते हैं, तो प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाता है क्योंकि आपको बढ़ी हुई सरकारी कीमत पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देनी पड़ती है। इससे खरीददारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

  • सरकार के लिए: इस बढ़ोतरी से सरकार का राजस्व (राजस्व) बढ़ेगा, जिससे उसे विकास कार्यों के लिए और अधिक धन मिल पाएगा।

इस फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जहाँ कुछ लोगों का मानना है कि यह पारदर्शिता बढ़ाएगा, वहीं कुछ विशेषज्ञों को लगता है कि इससे प्रॉपर्टी मार्केट की गति धीमी हो सकती है, खासकर शुरूआती चरण में। हालांकि, लखनऊ जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहर में लंबे समय में रियल एस्टेट बाजार मज़बूत ही रहने की उम्मीद है।

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